बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्य को 2766 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की है। यह राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी गई है, जिसे 50 वर्षों के भीतर वापस करना होगा। सोमवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी दी।
राज्य को मिल रही केंद्रीय सहायता में वृद्धि
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिनके पास वित्त विभाग का भी दायित्व है, ने कहा कि बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार से लगातार सहायता प्राप्त हो रही है। यह राशि सड़क, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, एएनएम स्कूल और छात्रावास, बिजली उप-केंद्र और वितरण लाइन, पुलिस भवन और विद्यालय भवन, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण परियोजना, और पर्यटन केंद्रों के निर्माण और विकास जैसे क्षेत्रों में खर्च की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 से बिहार को पूंजीगत योजनाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। अब तक, 2023-24 तक राज्य को 19,360 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। वर्ष 2024-25 में अब तक इस मद में 11,522 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसमें से बिहार को निर्धारित 5532 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 2766 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है।
राज्य के लिए विकास का सुनहरा मौका
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह सहायता राज्य की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बिहार के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा, जैसे:
- सड़क निर्माण: बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने के लिए बेहतर सड़कों का निर्माण।
- मेडिकल कॉलेज और अस्पताल: स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नई सुविधाओं का निर्माण।
- पेयजल और बिजली: हर घर में पानी और बिजली की सुविधा पहुंचाने के लिए।
- शिक्षा और सुरक्षा: नए विद्यालय भवन और पुलिस स्टेशन का निर्माण।
- पर्यटन विकास: राज्य के पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए।
नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा में सुधार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा का तीसरा चरण चल रहा है। इस दौरान वे लगातार विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं। हालांकि, कार्यक्रम में कुछ मामूली बदलाव किए गए हैं।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 28 जनवरी को पूर्णिया में रहेंगे और उसी रात पटना वापस लौट आएंगे। इसके बाद, 29 जनवरी को वे कटिहार और 30 जनवरी को मधेपुरा में होंगे। चौथे चरण की यात्रा में भी आंशिक संशोधन किया गया है। अब मुख्यमंत्री पांच फरवरी को मुंगेर जाएंगे, जबकि पूर्व में यह कार्यक्रम छह फरवरी का था।
बिहार के विकास में केंद्र-राज्य की साझेदारी
बिहार में विकास की गति को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तालमेल दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को अतिरिक्त सहायता मिलना राज्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का कहना है कि इस सहायता राशि से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और सिंचाई परियोजनाओं से किसानों और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
- मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
- पर्यटन स्थलों के विकास से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
बिहार की जनता को बड़ी राहत
यह सहायता राशि बिहार की जनता के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। इस राशि का उपयोग उन योजनाओं पर किया जाएगा जो सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएंगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिहार को जो अतिरिक्त सहायता मिल रही है, वह राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से सभी योजनाओं को समय पर पूरा करेगी।"
निष्कर्ष
बिहार को केंद्र सरकार से मिली 2766 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राज्य के विकास में एक बड़ा कदम है। यह न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि जनता की जिंदगी को भी बेहतर बनाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मदद के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है।
यह सहयोग राज्य में विकास और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करने की ओर इशारा करता है।
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