पटना। राज्य ब्यूरो : मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ और वाराणसी में शाही स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना के चलते उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण संभावित जाम की समस्या को रोकने के लिए बिहार से यूपी जाने वाले सभी भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
यूपी प्रशासन का सख्त कदम
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बिहार और यूपी की सीमा पर कर्मनाशा में भारी वाहनों को रोकने का आदेश जारी किया है। सोमवार सुबह से ही बिहार से यूपी की ओर जीटी रोड पर जाने वाले सभी भारी वाहनों को रोक दिया गया। यह फैसला मुख्य रूप से मौनी अमावस्या (29 जनवरी) को महाकुंभ और वाराणसी में शाही स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को यातायात संबंधी किसी भी परेशानी से बचाने के लिए लिया गया है।
यूपी प्रशासन ने बिहार के जीटी रोड से जुड़े जिले जैसे कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और झारखंड के सीमावर्ती जिलों को निर्देश जारी कर दिया है कि वे भारी वाहनों को जीटी रोड के किनारे या खाली स्थानों पर खड़ा करवा दें।
सड़क के किनारे खड़े किए गए भारी वाहन
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों को सड़कों पर जहां-तहां रोकने और उन्हें खाली जगह पर खड़ा करने का आदेश दिया गया है। जीटी रोड, एनएच-30 (जो पटना से आरा होते हुए मोहनिया में जीटी रोड से जुड़ती है), और पटना से सासाराम और औरंगाबाद की सड़कों पर भारी वाहनों को रोककर खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि यूपी प्रशासन द्वारा इस रोक की सूचना मिलने के बाद कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, और गया जिलों को निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके अलावा झारखंड प्रशासन को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में जीटी रोड पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
मौनी अमावस्या के मद्देनजर विशेष तैयारियां
मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ और वाराणसी में शाही स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण जीटी रोड पर यातायात जाम का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए यूपी प्रशासन ने यह सख्त निर्णय लिया है।
एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता:
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस रोक के कारण एंबुलेंस, श्रद्धालुओं के वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर न पड़े। इन वाहनों को निर्बाध रूप से चलने दिया जाएगा।
रोड नेटवर्क पर प्रभाव:
- जीटी रोड और एनएच-30 पर रोक: पटना से आरा होकर मोहनिया तक जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया गया है।
- झारखंड सीमा पर सतर्कता: झारखंड से आने वाले भारी वाहनों को भी सीमा पर ही रोकने का निर्देश दिया गया है।
डीआईजी का बयान
डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया, "यूपी प्रशासन ने मौनी अमावस्या के दौरान शाही स्नान के लिए भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। हमें इसकी सूचना मिल चुकी है, और हमने संबंधित जिलों को निर्देश दे दिया है कि वे भारी वाहनों को रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।"
डीआईजी ने यह भी कहा कि इस दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा
महाकुंभ और वाराणसी में शाही स्नान के दौरान प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।
- पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन: जीटी रोड और अन्य प्रमुख सड़कों पर वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से पार्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पुलिस की तैनाती: जाम की स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है।
- आपातकालीन सेवाएं: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
निष्कर्ष
मौनी अमावस्या पर महाकुंभ और शाही स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए लिया गया यह निर्णय यातायात प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम है। बिहार और झारखंड के प्रशासन ने यूपी के इस फैसले के बाद तत्परता से कदम उठाते हुए भारी वाहनों को रोकने और श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह कदम श्रद्धालुओं को सुविधा देने और महाकुंभ को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे में यूपी और बिहार प्रशासन का यह सहयोग सुनिश्चित करता है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके।
0 Comments