गया: बिहार के गया जिले में एंबुलेंस EMT (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) कुंदन कुमार की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। यह घटना नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के ढकनी गांव में हुई थी, जब एक एंबुलेंस के पलटने के बाद गुस्साए परिजनों ने EMT के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
कैसे हुई यह दर्दनाक घटना?
घटना 28 जनवरी 2025 को हुई थी, जब गया जिले के नीमचक बथानी अस्पताल की एक एंबुलेंस ढकनी गांव से एक महिला मरीज को लेकर अस्पताल जा रही थी। रास्ते में एनएच 82 पर एंबुलेंस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इस दुर्घटना में महिला मरीज और अन्य लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन एंबुलेंस EMT कुंदन कुमार और चालक भयभीत होकर मौके से भागने लगे।
इस पर मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए और भीड़ ने EMT कुंदन कुमार को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। कुंदन कुमार को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जब पुलिस को सूचना मिली, तो उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक EMT कुंदन कुमार नालंदा जिले का रहने वाला था और इस घटना के बाद से बिहार के एंबुलेंस कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है।
चार आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
गया पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
- सुखदेव चौधरी (ढकनी गांव निवासी)
- वीरेंद्र राजवंशी (जगजीवनपुर निवासी)
- भोला राजवंशी (ढकनी गांव निवासी)
- सुधीर राजवंशी (ढकनी गांव निवासी)
इन सभी आरोपियों को नीमचक बथानी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अन्य तीन फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बनी विशेष टीम
जब गया एसएसपी ने इस घटना की गंभीरता को देखा, तो उन्होंने एक विशेष जांच दल का गठन किया। इस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की गहन जांच का जिम्मा सौंपा गया।
पुलिस ने बताया कि इस घटना को लेकर कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना को लेकर एंबुलेंस कर्मियों में आक्रोश
EMT कुंदन कुमार की मौत के बाद बिहार के एंबुलेंस कर्मचारी और स्वास्थ्यकर्मी आक्रोशित हैं। वे प्रशासन से हमले में शामिल सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि अगर जल्द ही न्याय नहीं मिला तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं।
पुलिस का बयान
नीमचक बथानी थाना प्रभारी ने बताया,
"यह घटना बेहद निंदनीय है। मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
बिहार में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब बिहार में डॉक्टरों, नर्सों या मेडिकल स्टाफ पर हमला हुआ है। इससे पहले भी कई बार
- मरीज की मौत के बाद परिजन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमला कर चुके हैं।
- कई बार एंबुलेंस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं।
- डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बिहार में हड़ताल तक हो चुकी है।
अब क्या होगा आगे?
- पुलिस फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
- स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले पर गंभीर है और एंबुलेंस कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए नियम बना सकता है।
- अगर इस घटना को लेकर एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल की, तो आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता है।
इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए समाज में जागरूकता और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
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