महाकुंभ से लौटते समय हुआ हादसा
मृतकों में अधिवक्ता ओमप्रकाश आर्य (42), उनकी पत्नी पूर्णिमा कुमारी (36), बेटी अहाना (9), और बेटा अमय सिंह (6) शामिल हैं। यह परिवार महाकुंभ में स्नान के बाद दिल्ली लौट रहा था। रविवार रात घने कोहरे के कारण आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और दूसरी लेन में जाकर सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। इस भीषण हादसे में चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
गांव में पसरा मातम, शवों के पहुंचने पर कोहराम
मंगलवार सुबह एंबुलेंस के जरिए जब मृतकों के शव उनके पैतृक गांव पिरारी पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ओमप्रकाश आर्य की बहन सीमा देवी, चाची लालती देवी और मीरा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। शवों को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े।
गांव के हर घर में मातम छाया हुआ था। शवों के अंतिम दर्शन के लिए गांव के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। पूरे गांव में एक गमगीन माहौल था, और हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध था।
एक चिता पर चारों का अंतिम संस्कार
जब अंतिम यात्रा शुरू हुई, तो पूरा गांव शोक में डूबा था। ओमप्रकाश आर्य, उनकी पत्नी, और बच्चों के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
ओमप्रकाश के पिता शमशेर सिंह ने अपने बेटे, बहू और दोनों पोते-पोतियों को एक साथ मुखाग्नि दी। यह दृश्य इतना दुखद था कि हर कोई इसे देखकर भावुक हो गया।
प्रशासन और स्थानीय नेताओं ने जताया दुख
इस दुखद हादसे के दौरान स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। चिरैया प्रखंड प्रमुख मीना देवी के पति मिश्रीलाल यादव, सीओ आराधना कुमारी, थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी प्रेम कुमार, खड़तरी पंचायत के मुखिया अजय साह, और अन्य स्थानीय नेता मौजूद रहे। सभी ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
घटना की वजह: घना कोहरा
इस भीषण सड़क हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा बताया जा रहा है। कोहरे के कारण मृतकों की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और दूसरी लेन में जा घुसी, जहां वह एक ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन घटना की जांच कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि कोहरे के चलते दुर्घटना घटी, लेकिन अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
गांव में गम का माहौल
पिरारी गांव के लोग अभी भी इस घटना से उबर नहीं पाए हैं। हर किसी की जुबान पर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है। गांव के लोग परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की अपील
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि सड़कों पर कोहरे के दौरान सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। हाईवे पर वाहनों के लिए बेहतर गाइडलाइन और सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
परिवार के लिए अपूरणीय क्षति
इस हादसे ने न केवल एक परिवार को खत्म कर दिया बल्कि गांव के हर शख्स को झकझोर दिया। अधिवक्ता ओमप्रकाश आर्य का परिवार गांव और समाज में बेहद सम्मानित था। इस घटना ने हर किसी के दिल को गहरा आघात पहुंचाया है।
निष्कर्ष
इस घटना ने सड़क सुरक्षा और कोहरे के दौरान यातायात की सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस दिशा में उचित कदम उठाए ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, इस हादसे से प्रभावित परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से सहयोग देने की भी आवश्यकता है।
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