मुंगेर, बिहार : बिहार के जमालपुर रेल कारखाने की विभिन्न मांगों को लेकर जमालपुर रेल निर्माण संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक जाम कर जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास ट्रैक पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेंगे।
रेलवे ट्रैक जाम से यात्रियों को हुई परेशानी
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के कारण लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, जमालपुर-खगड़िया-तिलरथ पैसेंजर, साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी और जमालपुर-किउल पैसेंजर जैसी आधा दर्जन ट्रेनों का संचालन ठप हो गया।
प्रभावित ट्रेनों की सूची:
✔ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस
✔ जमालपुर-खगड़िया-तिलरथ पैसेंजर
✔ साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी
✔ जमालपुर-किउल पैसेंजर
इन ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई यात्री अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे वे नाराज भी नजर आए।
रेलवे प्रशासन ने दी समझाइश, एक घंटे बाद हटा जाम
रेलवे ट्रैक बाधित होने की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की और लगातार समझाने का प्रयास किया।
लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने ट्रैक खाली किया और रेलवे का परिचालन दोबारा शुरू हुआ। हालांकि, इस घटना से कई ट्रेनें लेट हो गईं और यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ा।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
संघर्ष मोर्चा के संयोजक पप्पू यादव ने बताया कि उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
1️⃣ जमालपुर रेल कारखाने को निर्माण का दर्जा दिया जाए।
2️⃣ रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।
3️⃣ रेल कारखाने को पूर्व मध्य रेलवे में शामिल किया जाए।
4️⃣ सफियाबाद को हाल्ट स्टेशन का दर्जा दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन मांगों को वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका मानना है कि अगर जमालपुर रेल कारखाने को निर्माण का दर्जा मिल जाए तो इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे और रेलवे के विकास में भी वृद्धि होगी।
संघर्ष मोर्चा की चेतावनी – बजट में मांगें शामिल न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
संघर्ष मोर्चा के संयोजक पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फरवरी में पेश होने वाले रेलवे बजट में उनकी मांगों को शामिल नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन रेलवे चक्का जाम करेंगे।
उन्होंने सरकार और रेलवे प्रशासन को दो टूक शब्दों में कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
संघर्ष मोर्चा का बयान:
"हम अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। अगर रेलवे प्रशासन जल्द निर्णय नहीं लेता, तो हम और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। यह सिर्फ एक शुरुआत है।"
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेलवे प्रशासन अलर्ट
रेलवे ट्रैक जाम के कारण कई यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। खासकर वे यात्री जो टाइमिंग के हिसाब से यात्रा कर रहे थे, वे अपनी मंजिल तक समय पर नहीं पहुंच सके।
रेलवे प्रशासन इस आंदोलन को लेकर सतर्क हो गया है और किसी भी संभावित बड़े प्रदर्शन से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रेलवे प्रशासन संघर्ष मोर्चा की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और क्या वाकई इन मांगों को फरवरी में पेश होने वाले रेलवे बजट में शामिल किया जाएगा या नहीं।
रेलवे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की चेतावनी को देखते हुए जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।
क्या होगी आगे की रणनीति?
*अगर रेलवे बजट में मांगें शामिल नहीं की जातीं तो मोर्चा एक बार फिर उग्र आंदोलन करेगा।
*संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि इस बार आंदोलन पूरे बिहार में फैलाया जाएगा।
*रेलवे प्रशासन भी अपनी ओर से हल निकालने की कोशिश में जुट गया है।
अब यह देखना बाकी है कि रेलवे प्रशासन और सरकार इस प्रदर्शन पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या संघर्ष मोर्चा अपनी मांगें मनवाने में सफल हो पाएगा।
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