पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें बस और ट्रक की जोरदार टक्कर में पटना के एक व्यापारी की मौत हो गई। यह दुर्घटना एनएच-31 पर बायसी स्थित हिजला और दिघी पुल के बीच हुई, जहां वन वे पुल के कारण दो बड़े वाहन आमने-सामने टकरा गए। इस भयानक टक्कर में छह यात्री घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को पहले पूर्णिया जीएमसीएच (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) पहुंचाया गया, जहां से तीन को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
बस और ट्रक की टक्कर से मचा कोहराम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, "लाल बादशाह" नाम की यात्री बस पटना से सिलीगुड़ी जा रही थी, तभी रास्ते में सामने से आ रहे एक बांस से लदे ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में सवार कई यात्री सीटों से उछलकर गिर पड़े और बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में 59 वर्षीय पटना निवासी व्यापारी संजय सारदा की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के पीछे मुख्य कारण वन वे पुल था, जिसकी मरम्मत का काम वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक पूरा नहीं किया गया। पुल के एकतरफा संचालन के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस समस्या का समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोग और पुलिस ने बचाव कार्य किया
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। बायसी थाना पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और फंसे हुए यात्रियों को बस से बाहर निकाला। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद व्यापारी संजय सारदा को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन यात्रियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि घायलों का इलाज पूर्णिया जीएमसीएच और बायसी पीएचसी में चल रहा है। वहीं, मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।
वन वे पुल बना जानलेवा, प्रशासन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पुल की मरम्मत का कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे यह वन वे पुल बन गया है। इसके चलते सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पुल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं न हों।
प्रशासन का बयान
बायसी थाना के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि "यह दुर्घटना वन वे पुल और दोनों वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हुई है। हादसे की जांच की जा रही है, और ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।"
स्थानीय लोगों की मांग: जल्द बने पुल, रोकी जाए दुर्घटनाएं
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इस हादसे पर नाराजगी जताते हुए सरकार और प्रशासन से अपील की है कि पुल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
निष्कर्ष
पूर्णिया में हुआ यह भीषण सड़क हादसा प्रशासन की लापरवाही और अधूरे पुल के कारण हुआ है। वन वे पुल के कारण दो बड़े वाहन आमने-सामने आ गए और यह भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में पटना के व्यापारी संजय सारदा की जान चली गई, जबकि तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाए और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा, या फिर किसी और हादसे का इंतजार करेगा?
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