आज, महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण मंच द्वारा स्थानीय नलकूप में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धर्म जागरण के जिला संयोजक सागर कुमार नन्हें ने महाराणा प्रताप के तेलिक चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
सागर कुमार नन्हें ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप भारत के इतिहास में एक महान योद्धा और शासक थे, जिन्होंने मुग़ल सम्राट अकबर के आक्रमण का वीरता से सामना किया। उन्होंने कहा, "महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को मेवाड़ के कुंभलगढ़ किले में हुआ था। बचपन में उन्हें 'कीका' नाम से पुकारा जाता था।"
नन्हें ने महाराणा प्रताप के साहसिक युद्धों की सराहना करते हुए बताया कि उनका सबसे प्रसिद्ध युद्ध हल्दीघाटी का युद्ध था, जहां उन्होंने मुग़ल सेना को कड़ी टक्कर दी थी। वे एक नायक थे, जिन्होंने अपने जीवन में कई युद्ध लड़े और कभी भी मुगलों को जीतने का मौका नहीं दिया। उनका घोड़ा 'चेतक' उनकी वीरता का प्रतीक बन गया था।
सागर कुमार नन्हें ने आगे कहा, "महाराणा प्रताप ने मुग़ल साम्राज्य के खिलाफ विद्रोह का झंडा बुलंद किया और अपने समूचे जीवन में मुगलों से संघर्ष करते रहे। उनका बलिदान और साहस हम सब के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।"
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रशांत सिंह राजू, बुल्लू झा, विनीत कुमार, ऋषव झा, मानस मिश्रा, मोनू महाकाल, रोहन सिन्हा, गुलशन, मनीष चौपाल, रवि सिंह, गोलू सिंह, रिशु सिंह, आर्यन सिंह, विवेक झा, विनय मिश्रा, शिवम तिवारी, बंटी झा, बिटू गुप्ता, विक्की चौधरी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को महाराणा प्रताप के योगदान को याद करते हुए उनके अद्वितीय साहस और देशभक्ति की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया।
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