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चंद्रा टाइम्स

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Samastipur News: बख्शीश मांगने गए किन्नरों के साथ मारपीट, कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव और सड़क जाम




समस्तीपुर: 
बिहार के समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में एक विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जब बख्शीश मांगने गई किन्नरों की टोली के साथ मारपीट की घटना हुई। घटना को लेकर पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए किन्नरों ने मंगलवार को मुसरीघरारी थाने का घेराव कर दिया। साथ ही, नाराज किन्नरों ने समस्तीपुर-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना समस्तीपुर के विशंभरपुर ऐलौथ गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद आले के घर में एक समारोह के बाद किन्नरों की टोली पारंपरिक तरीके से बधाई मांगने पहुंची थी। किन्नरों का कहना है कि उन्होंने नाच-गाने के बाद परंपरागत रूप से बख्शीश मांगी, लेकिन परिवार के सदस्यों ने उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

इस हमले में कई किन्नर घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। किन्नर नेता रूपा किन्नर ने बताया कि घटना को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पुलिस की निष्क्रियता पर किन्नरों का आक्रोश

पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए किन्नरों ने थाने का घेराव किया और कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने समस्तीपुर-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सैकड़ों वाहन सड़क पर फंसे रहे, और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रूपा किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो किन्नर समुदाय बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा, “हमने शांति से अपनी मांग रखी, लेकिन हमारे साथ अन्याय हुआ है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

दूसरी ओर के आरोप

इस मामले में संबंधित परिवार ने किन्नरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि किन्नरों ने जबरन 11 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर मारपीट शुरू कर दी। उनका यह भी दावा है कि किन्नरों ने घर में तोड़फोड़ की और एक बच्चे को लेकर भागने की कोशिश की।

स्थानीय ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मामला बढ़ गया, और किन्नरों के साथ ग्रामीणों ने भी मारपीट की।

पुलिस का बयान

मुसरीघरारी थाना अध्यक्ष फैजल अंसारी ने बताया कि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, “मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी। कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होगी।”

पुलिस और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम को हटाया गया। हालांकि, प्रदर्शन के कारण यात्रियों को कई घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

इलाके में तनाव का माहौल

इस घटना के बाद विशंभरपुर ऐलौथ गांव और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है। किन्नर समुदाय ने पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में भी गुस्सा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किन्नरों की मांगें जबरन वसूली की तरह थीं और उन्होंने हिंसा की शुरुआत की। वहीं, किन्नर समुदाय का कहना है कि उनके साथ परंपरा के नाम पर अन्याय हो रहा है।

किन्नर समुदाय ने दी आंदोलन की चेतावनी

किन्नर समुदाय ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में उनके साथ पहले से भेदभाव होता है और अब उन्हें न्याय से भी वंचित किया जा रहा है।

निष्कर्ष

यह घटना एक बार फिर समाज में किन्नर समुदाय के साथ होने वाले भेदभाव और उनके अधिकारों पर सवाल खड़ा करती है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों और किन्नर समुदाय के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए संवाद और आपसी समझ की जरूरत है।

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