देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा साइबर कमांडो की विशेष टीम तैयार की जा रही है। इसी क्रम में बिहार से चुने गए 15 साइबर कमांडो में सहरसा साइबर थाना के पुoअoनिo राहुल रोशन का नाम शामिल हुआ है। इनका चयन इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के तहत हुई परीक्षा के माध्यम से किया गया। अब वे आईआईटी कानपुर में विशेष साइबर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसके उपरांत राष्ट्रीय फ़ॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) से भी प्रशिक्षित होकर विशेष साइबर ब्रांच में अपनी सेवाएं देंगे।
केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों में 5000 साइबर कमांडो तैयार करने की योजना पर कार्य कर रही है। इन प्रशिक्षित कमांडो का मुख्य कार्य साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना और डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना होगा। हर राज्य में इनकी अलग विंग बनाई जा रही है, जो साइबर अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखेगी। ये कमांडो साइबर स्पेस में पेट्रोलिंग कर फेक वेबसाइट, डिजिटल फ्रॉड, कट्टरपंथी नेटवर्क, डीप फेक, डार्क वेब और साइबर स्लेवरी जैसी गतिविधियों को उजागर कर राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
साइबर कमांडो का काम पारंपरिक साइबर पुलिसिंग से अलग होगा। जहां सामान्य साइबर पुलिस पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई करती है, वहीं साइबर कमांडो अपराध होने से पहले संभावित खतरों को पहचानकर उनका मुकाबला करेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य उभरते डिजिटल खतरों और ऑनलाइन फ्रॉड पर नजर रखना, उनका विश्लेषण करना और उन्हें निष्प्रभावी बनाना होगा।
सहरसा साइबर थाना में तैनात राहुल रोशन ने अब तक साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। बीते सात महीनों में उन्होंने साइबर ठगी में लिप्त 11 बड़े अपराधियों को जेल भेजा है। ये गिरफ्तारियां सहरसा जिले के साइबर अपराध हॉटस्पॉट जमुनिया, काशनगर, बहुरवा, गोलबासा और सतरकटैया जैसे इलाकों से की गई हैं। इसके अलावा, उन्होंने दो बड़े साइबर ठगी गिरोहों का भंडाफोड़ किया और भारी मात्रा में डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल, पासबुक, नकली फिंगरप्रिंट और मर्चेंट स्कैनर जब्त किए।
उनकी सक्रियता के कारण साइबर अपराधियों की गतिविधियां सहरसा में कम हुई हैं, लेकिन ये अपराधी अब पड़ोसी जिलों जैसे खगड़िया, सुपौल, मधेपुरा, भागलपुर, बेगूसराय और पटना में ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से जुड़े मामलों का भी उन्होंने त्वरित समाधान किया है और कई आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराए हैं।
राहुल रोशन का साइबर कमांडो के रूप में चयन न केवल उनके लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में साइबर सुरक्षा को और अधिक सशक्त किया जा सकेगा।
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