सहरसा शहर के वार्ड 36 स्थित किंडर गार्टन स्कूल में मंगलवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने अपने बनाए विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया, जिसे उनके अभिभावकों और अन्य आगंतुकों ने बड़े ध्यान से देखा और सराहा। बच्चों ने अपने मॉडलों की विस्तृत जानकारी दी और उनके पीछे की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाया। प्रदर्शनी में वर्ग दो से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए।
इस प्रदर्शनी में कुल 86 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी कल्पनाशक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया। कक्षा पांच की अदिति कुमारी ने वाटर हार्वेस्टिंग का वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किया, जो जल संरक्षण की महत्ता को दर्शाता है। कृष्टि कुमारी ने सौरमंडल का वर्किंग मॉडल बनाया, जिसमें ग्रहों की गतिविधियों और सूर्य के चारों ओर उनकी परिक्रमा को समझाया गया। अवनि राज ने वाटर डिस्पेंसर का मॉडल पेश किया, जबकि आराध्या प्रिया ने वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम का मॉडल बनाकर शुद्ध जल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। आनंद कुमार ने नई कृषि तकनीकों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया, जिससे यह समझाया गया कि आधुनिक तरीकों से कृषि उत्पादन को कैसे बढ़ाया जा सकता है। बालवीर ने ब्लड ग्रुप चेकअप मॉडल बनाया, जो शरीर विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ।
इस प्रदर्शनी में चंद्रयान 3 के प्रति बच्चों का विशेष उत्साह देखने को मिला। ऋतू कुमारी, प्रगति कुमारी और विवेकानंद ने चंद्रयान 3 का वर्किंग मॉडल बनाकर इसकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। निशिका राज ने ड्रिप इरिगेशन का मॉडल प्रस्तुत किया, जो पानी की बचत करने वाले सिंचाई के आधुनिक तरीके को प्रदर्शित करता है। श्रृष्टि कुमारी ने पवन चक्की (विंड मिल) का मॉडल बनाया, जबकि शीतल कुमारी ने फाइबर टू फैब्रिक का वर्किंग मॉडल बनाकर वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया को दिखाया। इसी प्रकार, रिया कुमारी ने जल चक्र (वाटर साइकिल) पर आधारित मॉडल पेश किया, जिससे पानी के प्राकृतिक चक्र और उसके महत्व को समझाने में सहायता मिली।
विज्ञान प्रदर्शनी में तकनीक से जुड़े अन्य मॉडलों का भी प्रदर्शन किया गया। पलक कुमारी ने सौरमंडल (सोलर सिस्टम), आस्था कुमारी ने वायुमंडल की परतें (लेयर्स ऑफ एटमोस्फेयर), अंश राज राठौर, नमन झा और हीमांशु कुमार ने माइक्रोस्कोप का मॉडल, उत्कर्ष और अभिजीत ने कृषि तकनीक से जुड़ा वर्किंग मॉडल बनाया। श्लोक कुमार कर्ण और आशुतोष सोनी ने ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित मॉडल बनाए, जो जलवायु परिवर्तन के खतरों को समझाने में मददगार साबित हुए। विवेक कुमार ने ज्वालामुखी (वोल्कानो) का वर्किंग मॉडल तैयार किया, जबकि सुमित कुमार ने एटीएम मशीन का मॉडल बनाया, जिससे डिजिटल लेन-देन की प्रक्रिया को समझाने में सहायता मिली।
इसके अलावा, साहिल ने डिजास्टर मैनेजमेंट पर मॉडल पेश किया, अंश झा ने ट्रेन मॉडल, आर्यन सोनी ने फैक्ट्री मॉडल और आरव कुमार ने वाटर डिस्पेंसर का मॉडल तैयार किया। पुष्कर कुमार ने स्ट्रीट लाइट, हर्षित कुमार ने वैक्यूम क्लीनर, सिया ने ग्लोबल वार्मिंग पर आधारित ग्रीनहाउस इफेक्ट का मॉडल प्रस्तुत किया। कक्षा चार के बच्चों ने भी अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कीर्ति यादव ने ज्वालामुखी, तुलसी गुप्ता ने चंद्रयान 3, सोनम कुमारी ने ज्वालामुखी, शाहिबा श्वेतान्शी ने जल चक्र, वैष्णवी कुमारी और रिया भारती ने सौरमंडल, दीप्ति कुमारी और पियूष सोनी ने पवन चक्की का मॉडल बनाया।
वर्ग तीन के बच्चों ने भी आकर्षक मॉडलों का प्रदर्शन किया। आयुषी भारती ने जल चक्र, हिमांशु कुमार ने गांव और शहर में अंतर, आर्यन आनंद ने एटीएम, सोनाक्षी कुमारी ने जल प्रदूषण, अभिनव ने मानव फेफड़ों का मॉडल, निरंजन, ईश्वर चंद्र और अर्पिता गुप्ता ने चंद्रयान का मॉडल, अंश और नवनीत ने स्मार्ट सिटी का मॉडल बनाया। सक्षम झा ने ग्लोब, नक्श ने चरखा (स्पिनिंग व्हील), मानस ने सौर ऊर्जा से सिंचाई (सोलर पावर ऑफ इरिगेशन) का मॉडल तैयार किया।
छोटे बच्चों ने भी विज्ञान में अपनी रुचि का प्रदर्शन किया। सौम्य प्रकाश और प्रगति ठाकुर ने जल चक्र का मॉडल, श्रुति और आराध्या ने कच्चे और पक्के मकान का मॉडल, टुकटुक कुमारी ने ज्वालामुखी, अनन्या कुमारी ने सौरमंडल, शुभम कुमार ने स्कूल का मॉडल, रुद्रा आदित्य और पियूष ने पवन चक्की, सिल्की सुमन और निमिषा ठाकुर ने स्टिल्ट हाउस, इवाना ठाकुर ने चंद्रमा के चरण (फेज ऑफ मून), हर्षवर्धन ने तितली के जीवन चक्र (लाइफ ऑफ बटरफ्लाई) का मॉडल बनाया।
प्रदर्शनी के दौरान एकलव्य स्कूल के निदेशक मुकेश कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह और प्रगति क्लासेस के नंदन कुमार ने बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नन्हे वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं और उनमें अपार संभावनाएं हैं। इस तरह की विज्ञान प्रदर्शनी से बच्चों की वैज्ञानिक दृष्टि को बढ़ावा मिलता है और उनकी कल्पनाशक्ति को निखारने का अवसर मिलता है।
इस विज्ञान प्रदर्शनी के सफल आयोजन में शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षक संतोष कुमार सिंह, अभिषेक कुमार, राजेश कुमार, आशीर्वाद, शाहीन, कोमल, अनामिका मिश्रा, आरती प्रभा, शिल्पी, ज्योति, अंजली, प्रियांशु प्रिया, श्यामली सिंह और संजीव ने बच्चों का मार्गदर्शन किया और उन्हें प्रोत्साहित किया।
किंडर गार्टन स्कूल की यह विज्ञान प्रदर्शनी न केवल बच्चों के लिए एक सीखने का अवसर थी बल्कि यह अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी गर्व का विषय बनी। बच्चों के नवाचार और वैज्ञानिक सोच ने यह साबित कर दिया कि भविष्य में वे बड़े वैज्ञानिक और शोधकर्ता बन सकते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझने और व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर मिलता है। प्रदर्शनी के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रशंसा पत्र दिए गए, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और भी बढ़ गया।
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