सहरसा, 28 फरवरी 2025: राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान और नवाचार पर केंद्रित एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. मिथिलेश कुमार रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
विज्ञान और नवाचार पर प्रेरणादायक संबोधन
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. मिथुन कुमार के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. सी.वी. रमण की अभूतपूर्व खोज "रमण प्रभाव" की स्मृति में मनाया जाता है।
उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विज्ञान ने हमारे जीवन को सरल और सुगम बनाया है, साथ ही यह हमारी सोच को भी तर्कसंगत और रचनात्मक बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा बनाए रखें, नई खोजों और नवाचारों में सक्रिय भूमिका निभाएँ और देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएँ।
प्राध्यापकों ने साझा किए अपने विचार
इस अवसर पर विभिन्न व्याख्याताओं ने विज्ञान और नवाचार के विविध पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। प्रो. शुभम, प्रो. धर्मेंद्र, प्रो. घनश्याम, प्रो. ओमकार, प्रो. सौरव, प्रो. लक्ष्मी, प्रो. सारिका, प्रो. ज्योति मणि, प्रो. दीपशिखा, प्रो. आरती, प्रो. अंजु, प्रो. निभा, प्रो. संजय, प्रो. कलाम अली और प्रो. मिथिलेश सहित अन्य वक्ताओं ने विज्ञान के विकास, उसके अनुप्रयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार रखे।
क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सूरज कुमार (चतुर्थ सेमेस्टर, सिविल) प्रथम, राजा कुमार (चतुर्थ सेमेस्टर, सिविल) द्वितीय, निधि सिंह (चतुर्थ सेमेस्टर, सिविल) तृतीय, तथा अमन कुमार (द्वितीय सेमेस्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स) एवं लव कुमार (चतुर्थ सेमेस्टर, मैकेनिकल) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
विजेताओं को प्राचार्य एवं अन्य व्याख्याताओं द्वारा ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल समापन
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य महोदय ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया और विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य में भी जारी रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिक विकास में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस प्रकार के आयोजनों से विज्ञान एवं नवाचार के प्रति जागरूकता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
इस आयोजन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और विज्ञान प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने इसे अत्यंत सफल बनाया।
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