सहरसा जिले में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 निवासी 18 वर्षीय आकाश विश्वास की मौत शनिवार को सहरसा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और न्यायिक जांच की मांग की है।
गिरफ्तारी से लेकर मौत तक की पूरी घटना
मृतक की मां साबो देवी ने बताया कि पुलिस ने बुधवार की रात आकाश को शराब बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनका दावा है कि पुलिस ने हिरासत में ही उनके बेटे के साथ बर्बरता की और उसे बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
गुरुवार को पुलिस ने आकाश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, और उसे सहरसा मंडल कारा में रखा गया। शुक्रवार को जब उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी, तब जेल प्रशासन ने उसे सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस और जेल प्रशासन के अलग-अलग दावे
इस मामले में पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। सोनवर्षा राज थानाध्यक्ष अविनाश कुमार ने हिरासत में पिटाई के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद आकाश को सीधे जेल भेज दिया गया था। उनके मुताबिक, पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की और कोई भी अनुचित बल प्रयोग नहीं किया गया।
वहीं, सहरसा मंडल कारा के सहायक अधीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम के बाद ही चल पाएगा। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन मामले की कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहा है और आवश्यक जांच की जा रही है।
मां ने लगाया पुलिस पर गंभीर आरोप
मृतक की मां साबो देवी ने स्वीकार किया कि उनका बेटा गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर शराब बेचने का काम करता था। लेकिन उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत हिरासत में हुई बर्बर पिटाई का नतीजा है।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने आकाश के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया होता, तो वह आज जिंदा होता। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल, प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आकाश की मौत की असली वजह क्या थी।
सहरसा जिले में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय लोग भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यदि हिरासत में पिटाई के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पुलिस प्रशासन के लिए एक गंभीर मामला बन सकता है। अब सभी की नजरें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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