बिहार के अररिया जिले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत बिहार एसटीएफ और अररिया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए कुख्यात अपराधी चुनमुन झा को एनकाउंटर में मार गिराया। चुनमुन झा बिहार में कई संगीन अपराधों में शामिल था और हाल ही में आरा स्थित तनिष्क शोरूम लूटकांड का मुख्य आरोपी था। इस लूटकांड में करीब 10 करोड़ रुपये के गहने और नकदी की लूट हुई थी। यही नहीं, इससे पहले पूर्णिया में हुए तनिष्क शोरूम लूटकांड में भी उसका नाम सामने आया था।
यह एनकाउंटर अररिया जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र में हुआ, जहां एसटीएफ और पुलिस की टीम ने चुनमुन झा और उसके दो साथियों का पीछा किया। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने घेराबंदी की थी, लेकिन खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चुनमुन झा को चार गोलियां लगीं। इस दौरान उसके एक अन्य साथी को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि एक अन्य फरार होने में कामयाब हो गया। घायल चुनमुन झा को तुरंत इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मुठभेड़ में पुलिस और एसटीएफ के पांच जवान घायल हुए। इनमें एसटीएफ के इंस्पेक्टर मोहम्मद मुश्ताक, नरपतगंज थाना के एसएचओ कुमार विकास, एसटीएफ के ड्राइवर नागेश, एसटीएफ के सदस्य शहाबुद्दीन अंसारी और दीपक कुमार शामिल हैं। इन सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि भागे हुए अपराधी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस और एसटीएफ की टीम लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। बिहार में संगठित अपराध और लूट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
अगर आरा तनिष्क शोरूम लूट की बात करें, तो यह मामला 10 मार्च को बिहार के भोजपुर जिले में घटित हुआ था। उस दिन दिनदहाड़े, नगर थाना क्षेत्र के गोपाली चौक स्थित तनिष्क के शोरूम में करीब 6 से 7 हथियारबंद अपराधी घुसे और करोड़ों के गहने और नकदी लूट ले गए। यह वारदात इतनी सुनियोजित थी कि अपराधी लगभग आधे घंटे तक शोरूम में रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। लूट की यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी थी। इसी जांच के दौरान चुनमुन झा का नाम सामने आया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। चुनमुन झा जैसे अपराधी लंबे समय से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे। पुलिस के मुताबिक, चुनमुन झा का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था, और वह कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका था। बिहार पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे न सिर्फ आरा बल्कि बिहार के अन्य जिलों में भी अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश जाएगा।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फरार अपराधी को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इस एनकाउंटर के बाद यह साफ हो गया है कि बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
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