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चंद्रा टाइम्स

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Madhepura News : खाड़ा में ग्यारह दिवसीय महारूद्र यज्ञ की भव्य तैयारियां, वृंदावन से पधारेंगी राधे कृपा साक्षी दीदी



उदाकिशुनगंज प्रखंड के खाड़ा पंचायत में धार्मिक आस्था और भक्ति के संगम का भव्य आयोजन होने जा रहा है। ग्यारह दिवसीय महारूद्र यज्ञ का शुभारंभ 2 मई 2025 से किया जाएगा और यह 12 मई 2025 को विधिवत पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। इस आयोजन को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यज्ञ का आयोजन अमीलाल बबुआ संस्कृत महाविद्यालय के प्रांगण में किया जाएगा, जहां एक विशाल यज्ञ मंडप का निर्माण किया जा रहा है।

यज्ञ कमिटी के अध्यक्ष रधुनंदन मिश्र के नेतृत्व में इस आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें ग्राम पंचायत के मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर और सरपंच प्रतिनिधि मंजय प्रसाद सिंह के मार्गदर्शन में समस्त ग्रामवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव लेकर आएगा।

यज्ञ के सफल संचालन के लिए विशेष रूप से काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से आए विद्वान अभिनंदन भारद्वाज की अगुवाई में यज्ञाचार्यों की एक टीम इस अनुष्ठान को विधिपूर्वक संपन्न कराएगी। उनके साथ काशी से ही पधारने वाले वेदपाठी ब्राह्मण बटुक भी रहेंगे, जो पूरे यज्ञ स्थल को वैदिक मंत्रोच्चारण और वेदों के ज्ञान से गुंजायमान करेंगे। ये विद्वान ब्राह्मण ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के ज्ञाता होंगे और पूरे आयोजन को वैदिक संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराएंगे।

यज्ञ की शुरुआत 2 मई को कलश शोभायात्रा से होगी, जिसमें क्षेत्र की 1100 कुंवारी कन्याएं भाग लेंगी। इस दौरान वे परंपरागत लाल और पीले वस्त्र धारण कर पवित्र जल से भरे कलश लेकर यात्रा करेंगी। कलश में जल बुधामा काली पोखर से भरकर यज्ञ स्थल तक लाया जाएगा, जिसके बाद विधिवत यज्ञ की शुरुआत की जाएगी। इस शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं, जिससे यह पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिकता और धार्मिकता का माहौल बना सके।

इस ग्यारह दिवसीय आयोजन के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए भागवत कथा प्रवचन का भी विशेष आयोजन किया गया है। इसके लिए श्री धाम वृंदावन परिक्रमा मार्ग से राधे कृपा साक्षी दीदी को आमंत्रित किया गया है, जो प्रतिदिन प्रवचन देंगी और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करेंगी। उनके प्रवचनों में श्रीकृष्ण लीला, राधा-कृष्ण भक्ति, भजन-कीर्तन और आत्मशुद्धि के मार्गों पर विशेष चर्चा होगी, जिससे भक्तगण आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर सकेंगे।

यज्ञ के दौरान प्रत्येक संध्या को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए काशी से विशेष आचार्यों की टोली आ रही है, जो गंगा महाआरती की तर्ज पर यज्ञ स्थल पर आरती का आयोजन करेंगे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में शंखनाद, घंटों और वैदिक मंत्रों की ध्वनि गूंजेगी, जिससे वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो जाएगा। इसके साथ ही वृंदावन से श्री गिरिराज लीला संस्थान की टीम भी यज्ञ में भाग ले रही है, जो विभिन्न रासलीलाओं का मंचन करेगी। इसमें श्रीकृष्ण की बाललीलाएं, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह, और अन्य प्रसंगों को भव्य रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को भक्ति का अद्भुत अनुभव मिलेगा।

यज्ञ के अंतिम तीन दिनों में 72 घंटे का अखंड रामधुन संकीर्तन भी किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु लगातार प्रभु श्रीराम के नाम का जाप करेंगे और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। यह आयोजन पूरे क्षेत्र को धार्मिक ऊर्जा से भर देगा और सभी भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा।

यज्ञ के दौरान पूरे क्षेत्र में एक विशाल मेला भी लगेगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले, खेल-तमाशे, खाद्य सामग्री की दुकानें और धार्मिक वस्त्रों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस मेले में बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण होगा, जिससे धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ मनोरंजन का भी अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यज्ञ को सफल बनाने के लिए यज्ञ कमिटी के कोषाध्यक्ष ब्रह्मदेव रजक, सचिव दिनेश कुमार झा, और अन्य गणमान्य व्यक्ति जैसे अमर सिंह, राणा झा, प्रमोद पासवान, कमलेश कुमार झा, गुड्डू कुमार ठाकुर, शिवेंद्र सिंह माधो, नागो मेहता आदि विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा सैकड़ों युवा इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, जिससे यह आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण बन सके।

ग्यारह दिवसीय महारूद्र यज्ञ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी संचार करेगा। श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होकर धर्म, अध्यात्म और भक्ति का लाभ उठा सकते हैं। यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अवसर होगा, जहां वे श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव की आराधना कर अपने जीवन को धन्य बना सकेंगे।

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