सहरसा जिले के सिपाही अनिल कुमार झा की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से हुई मौत ने पुलिस महकमे और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना बुधवार की सुबह सरायकेला जिले के सीनी ओपी थाना क्षेत्र में हुई, जहां वह अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह 8 बजे उन्होंने अपनी ड्यूटी संभाली थी, लेकिन महज आधे घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि 8:30 बजे के करीब वह अचानक लड़खड़ा कर गिर पड़े, जिसके बाद मौके पर मौजूद उनके सहकर्मियों ने उन्हें तुरंत संभाला और प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। हालांकि, हालत बिगड़ते देख ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान ने बिना देर किए उन्हें सरायकेला सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सिपाही की आकस्मिक मृत्यु से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। खबर मिलते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्राथमिक जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे उनकी मृत्यु के पीछे किसी गहरी साजिश या बाहरी कारण का अंदेशा हो। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि उनकी मृत्यु किस वजह से हुई।
घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फिर पुलिस लाइन, दुगनी लाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान सरायकेला के एसपी मुकेश कुमार लुणायत सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सलामी समारोह में एसडीपीओ समीर सावैयां, जिला मुख्यालय डीएसपी प्रदीप उरांव, सार्जेंट मेजर सिलबेस्टर बा, पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाड़ेया और पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप खलखो भी शामिल हुए। वहां मौजूद सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने सिपाही अनिल कुमार झा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मृतक सिपाही के पार्थिव शरीर को सलामी देने के बाद उनके परिजन टाटा के कदमा ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अनिल कुमार झा मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के लगमा गांव के रहने वाले थे। उनके निधन से उनके गांव और परिवार में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि वह एक बेहद अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थे, जो हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे। उनके सहयोगी उन्हें एक शांत, विनम्र और मददगार इंसान के रूप में याद कर रहे हैं।
उनके परिवार की बात करें तो वे अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिजन इस घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनका लाडला यूं अचानक उन्हें छोड़कर चला गया। इस दुखद घड़ी में पुलिस विभाग और स्थानीय प्रशासन उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दे रहा है।
0 Comments